GST जांच में अब तक 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का खुलासा

GST जांच में अब तक 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का खुलासा

June 27, 2018 0 By narayan28

नई दिल्ली. जीएसटी जांच विंग ने दो महीने में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी का पता लगाया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि डेटा विश्लेषण से पता चलता है 1.11 करोड़ से अधिक पंजीकृत व्यवसायों में से केवल 1 प्रतिशत करों का बड़ा हिस्सा चुकाते हैं. केन्द्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के सदस्य जॉन जोसेफ ने कहा छोटे व्यवसायी जीएसटी रिटर्न दाखिल करते समय गलतियां करते हैं तो बात समझ में आती है कि वे उतने प्रबुद्ध नहीं हैं लेकिन बड़ी-बड़ी कंपनियां और बड़ी निगमें भी वही गल्तियां करती है.

यदि आप टैक्स राजस्व का भुगतान की ओर नजर डाले तो आपको एक खतरनाक तस्वीर दिखाई देगी. जॉन जोसेफ ने कहा, हमारे पास 1 करोड़ से अधिक व्यवसायों का पंजीकरण है लेकिन 1 लाख से कम लोग कर का 80 प्रतिशत भुगतान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोई नहीं जानता कि सिस्टम में क्या हो रहा है.

जोसेफ, जो गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस (डीजी जीएसटीआई) के महानिदेशक भी हैं, ने कहा कि डीलरों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि उनमें से अधिकतर का वार्षिक कारोबार 5 लाख रुपये है. इससे पता चलता है कि इस मामले में और अधिक अनुपालन की आवश्यकता है. कॉम्पोजिशन योजना के तहत, व्यापारियों और निर्माताओं को 1 प्रतिशत की कम दर पर कर चुकाने की अनुमति है जबकि रेस्तरां मालिकों को 5 प्रतिशत की दर से भुगतान करना पड़ता है. यह योजना निर्माताओं, रेस्टोरेटर्स और व्यापारियों के लिए खुली है जिसका कारोबार 1.5 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है.

जीएसटी अधिकारी जोसेफ का साफ-साफ कहना है कि जीएसटी लागू तो कर दिया गया है लेकिन इस मामले में व्यापारी गंभीर नहीं हैं. एक तो पंजीकरण कराने वाले व्यापारियों में से बहुत कम व्यापारी जीएसटी का भुगतान कर रहे हैं दूसरा जो व्यापारी इसका भुगतान कर रहे हैं वे भी गैरजिम्मेदार तरीके से भुगतान कर रहे हैं. ऐसे में जब जीएसटी के आंकड़ों का विश£ेषण किया गया तो 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा के चोरी का पता चला है. जोसेफ का दावा है कि यह आंकड़ा केवल दो महनों का है.